यहां सिर्फ फर्श पर सोने से महिलाएं हो जाती हैं प्रेग्नेंट,ये है भारत का अनोखा मंदिर।

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क्या आपने कभी सुना है की फर्श पर सोने से महिला प्रेग्नेंट हो गयी नहीं ना परेशान मत होइए हम बताते है की आखिर फर्श पर सोने से महिला प्रेग्नेंट कैसे हो गयी , बात तो हैरानी की है लेकिन सच है यु तो इस बात को ना मानने वाले भी बहुत है लेकिन वो सब तब तक इस बात को नहीं मानते थे जब तक वो खुद इसको देख के या इसके पिछेके तथ्य पढ़कर समझ नहीं पाते, जी हां ऐसे में हम आपको बताते है ऐसे कई राज जिसे सुन कर आप हो जाएंगे हैरान, जो हम आपको बताने जा रहे है इस बात को कही प्रमादित नहीं किया गया है मगर क्युकी ये परम्परा सालो से चलती आ रही है इसलिए इस बात से इंकार करना भी थोड़ा मुश्किल है मगर इसकी सचाई तो वही जाकर पता चलेगी की आखिर इसकी सच्चाई क्या है| आइये हम आपको बताते है की इस बात में कितनी सच्चाई है , तो आप भी पढ़ कर पता लगाइये की आखिर हमने जो आपको जानकारी दी है तो सौ आने सच है |

भारत है चमत्कारों का देश

भारत चमत्कारों का देश है यहां राज्य अलग , भाषा अलग , खान पान अलग , बात चीत का तरीका अलग , और धर्म अलग जाहिर है इन तमाम विविधताओं के बावजूद हमारा देश एक है | भारत में चमत्कार कम नही होते जी हां ये चमत्कारों का देश है , कभी राजनीति में , कभी वोट में, कभी दोस्ती में तो कभी शादियों में चमत्कार होते ही रहते है | भारतीयों का मानना है की आस्था से ही सब कुछ है अगर भगवान् में आस्था है तो आपका हर काम संभव है|

निसंतान महिलाये सोती है यहां

जिन महिलाओ के बच्चा नहीं होता वो सभी महिलाए यहां आकर जमीन पर सोती है | जी हां जमीन पर सोकर ही उन्हें पुत्र प्राप्ति होती है बात हैरानी की तो जरूर है मगर सत्य आपकी तरह हम भी पहले इस बात में और सच में अंतर् मानते थे मगर अपनी जांच पड़ताल करने पर जानकारी हुई की हां किसी ऐसे मंदिर को पूजा जाता है जहां महिलाए जो की निसंतान है वो व्हा जमीन पर सोकर पुत्र एवं पुत्री की प्राप्ति कर सकती है

ईश्वरीय शक्ति पर है आधारित

जी हां आपको ये बताना भी बेहद जरूरी है की ये ईश्वरीय शक्ति पर ही संभव है अगर यहां मंदिर में स्थित माता आपसे प्रासां है तब ही ऐसे चमत्कार होते है वर्ण अगर माता नहीं चाहती तो उस जगह पर उस महिला का खड़ा होना भी दूभर हो आता है| इतना ही नहीं महिलाओ को तुरंत उस जगह को छोड़ कर जाना होता है

आपको बताते है आखिर कहा है ये मंदिर

यह मान्यता दरअसल हिमाचल के मंडी जिला की लड़भडोल तहसील के सिमस गांव में एक देवी का मंदिर है जहां ये मान्यता है कि निसंतान महिलाओं के फर्श पर सोने से संतान की प्राप्ति होती है। नवरात्रों में हिमाचल के पड़ोसी राज्यों पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ से ऐसी सैकड़ों महिलाएं इस मंदिर की ओर रूख करती हैं जिनके संतान नहीं होती है। मंदिर में फर्श पर सोती हैं निसंतान महिलाएं हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के लड़-भड़ोल तहसील के सिमस नामक खूबसूरत स्थान पर स्थित माता सिमसा मंदिर दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। माता सिमसा या देवी सिमसा को संतान-दात्री के नाम से भी जाना जाता है।

हर वर्ष यहां निसंतान दंपति संतान पाने की इच्छा ले कर माता के दरबार में आते हैं।

नवरात्रों में होने वाले इस विशेष उत्सव को स्थानीय भाषा में सलिन्दरा कहा जाता है। सलिन्दरा का अर्थ है स्वप्न आना। सपने में आती हैं माता नवरात्रों में निसंतान महिलायें मंदिर परिसर में डेरा डालती हैं और दिन रात मंदिर के फर्श पर सोती हैं ऐसा माना जाता है कि जो महिलाएं माता सिमसा के प्रति मन में श्रद्धा लेकर से मंदिर में आती हैं माता सिमसा उन्हें सपने में मानव रूप में या प्रतीक रूप में दर्शन देकर संतान का आशीर्वाद प्रदान करती है। सपने में लकड़ी या पत्थर दिखने पर नहीं होती है संतान मान्यता के अनुसार, यदि कोई महिला सपने में कोई कंद-मूल या फल प्राप्त करती है तो उस महिला को संतान का आशीर्वाद मिल जाता है। यहां तक की देवी सिमसा आने वाली संतान के लिंग-निर्धारण का भी संकेत देती है।