आधी रात को क्यों एक बेटी ने अपने पिता को किया मैसेज की “अब बर्दाश्त नहीं हो रहा”, क्या था कारण|

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वैसे भी कहते हैं की बाप-बेटी का रिश्ता सबसे प्यारा और सुलझा हुआ होता है जिसमे एक पिता अपने बेटी की बात बिन बोले समझ जाता है तो दूसरी ओर बेटी हर बात अपने पापा से शेयर करती है. इन कहने वाली बातों को सच साबित कर दिखाया पंजाब की एक लड़की ने जब उसके साथ असहनीय अन्याय हुआ तो उसने पहले अपने पापा को मैसेज करके बताया और फिर मौत को गले लगा ली. बता दें कि लड़की के आखिरी शब्द यही थे “अब और बर्दाश्त नही कर सकती पापा” और लड़की ने आत्महत्या कर ली। ऐसा क्या हुआ उस लड़की के साथ, क्या वजह बनी जिससे तंग आकर उसने मौत का रास्ता चुना लिया…जानिए आगे…

आत्महत्या से पहले खोली ससुराल वालों का पोल

जानकारी के अनुसार लड़की का नाम गुरजीत और उसके पिताजी का नाम गुरुचरण सिंह था. लड़की ने आधी रात को अपने पिता के पास मैसेज करके कहा “डैड अब मुझसे और बर्दास्त नही होगा, आने वाले समय मे अगर मेरे साथ कुछ गलत हो जाये तो उसके लिए मेरी सास हरदीप कौर जिम्मेदार होगी.” गुरजीत नाम की लड़की ने अपने पिता को भेजे गए मैसेज में और भी कई बातें लिखी – मैं ये सारी बाते होशोहवास में लिख रही हूँ. स्थानीय लोगो का कहना है की गुरजीत की शादी हरदीप के बेटे लखविंदर से हुई थी. लखविंदर दुबई में मकैनिक का काम संभालता है। जिस तरह हर लड़की अपने शादी के लिए सपने संजोये रहती है गुरजीत ने भी अपने सुखी और संपन्न ससुराल की कल्पना की थी. पर उसकी बदकिस्मती से सब उल्टा होने लगा जिससे हार मानकर उसने मौत को गले लगा लिया|

यह बात बनी आत्महत्या की वजह

गुरजीर का मैसेज पाकर गुरुचरण सिंह हड़बड़ा उठे और सीधा अपनी बेटी के ससुराल पहुचे. पर तब तक काफी देर हो चुकी थी उनकी बेटी मौत की बाहों में सो रही थी. पिता ने इन सब का जिम्मेदार बेटी की सास को माना. दरअसल गुरजीत ने बताया था कि उसके ससुराल वाले दहेज के लिए उसे बहुत सताते हैं यहां तक कि कई बार मार-पीट भी की. इस तरह मार सहने की जैसे उसे आदत पड़ गयी थी पर एक दिन उसके भी संयम ने दम तोड़ दिया. गुरजीत ने इस मामले को जड़ से खत्म करने की कोशिश में खुद का ही जान गवां बैठी|

घटना के बाद पिता ने ससुराल वालों के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज की

और पुलिस ने उस मैसेज को सुबूत मानकर हजिन्दर व हरदीप को अपने गिरफ्त में ले लिया है.पिता गुरुचरण सिंह आज अपने फैसले को लेकर दुखी हैं उनके एक गलत फैसले की वजह से अपनी बेटी खो बैठे. पर तकनीक ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई, अगर मोबाइल का जमाना नही होता तो शायद गुनहगारों को सजा भी नही मिल पाती क्योंकि लड़की ने मरने से पहले पूरा वाकया अपने पिता को बता दिया. ये मामला एक नही है बल्कि रोज कई ऐसी बेटियों को दहेज के लिए मौत के घाट उतार दिया जाता है और वह अपने घरवालों को कुछ बता भी नही पाती।